Fact Check
कानपुर के भाजपा पार्षद राघवेंद्र मिश्र द्वारा बुजुर्ग को धमकी दिये जाने के नाम पर वायरल हुआ भ्रामक दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया कि भाजपा पार्षद राघवेंद्र मिश्र द्वारा बुजुर्ग को धमकी दी गई.
उत्तर प्रदेश तथा बिहार के ग्रामीण जीवन का यह भी एक रोचक पहलू है कि यहां खेती बाड़ी के पीक समय को छोड़कर नुक्कड़ों की रौनक में कभी कमी नहीं आती. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान चुनावी चक्कलस जोरों पर है. सूबे के तमाम नुक्कड़ों पर स्थित चाय-पानी की दुकानों पर सभी दलों के समर्थक अपनी पार्टी की जीत का दावा कर रहे हैं.
ऐसे में हंसी-मजाक के लिए मशहूर वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर जैसे शहरों में तो माहौल कुछ ज्यादा ही गंभीर है. हालांकि, अधिकतर मामलों में नुक्कड़ की ये बहसें नुक्कड़ तक ही सीमित रहती हैं तथा इनसे आपसी सामंजस्य पर कोई फर्क नहीं पड़ता.
इसी क्रम में सोशल मीडिया पर राहुल गांधी समेत अन्य यूजर्स ने एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया कि भाजपा पार्षद राघवेंद्र मिश्र द्वारा बुजुर्ग को धमकी दी गई.
Fact Check/Verification
भाजपा पार्षद राघवेंद्र मिश्र द्वारा बुजुर्ग को धमकी देने के नाम पर शेयर किये जा रहे इस वीडियो की पड़ताल के दौरान हमें पत्रकार अरविन्द चौहान द्वारा शेयर किये गए थ्रेड का एक अन्य ट्वीट प्राप्त हुआ. जिसमें बुजुर्ग ने भाजपा पार्षद राघवेंद्र मिश्र द्वारा बुजुर्ग को धमकी देने के इस पूरे मामले को हंसी-मजाक बताते हुए राघवेंद्र मिश्र से पारिवारिक संबंध होने की बात कही है.
वायरल दावे के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने राघवेंद्र मिश्र के सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की तलाश शुरू की. इस प्रक्रिया में हमें राघवेंद्र मिश्र का फेसबुक प्रोफाइल प्राप्त हुआ. राघवेंद्र मिश्र पार्षद नामक इस फेसबुक अकाउंट द्वारा शेयर किया गया एक वीडियो प्राप्त हुआ, जिसमें वायरल वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग (भूपेंद्र सिंह भदौरिया) पूरे मामले पर अपनी सफाई देते नजर आते दिख रहे हैं. उक्त फेसबुक वीडियो में भूपेंद्र सिंह भदौरिया ने राघवेंद्र मिश्र को अपना भतीजा बताया है. इसके साथ ही वह यह भी कहते हैं कि “हमारे पारिवारिक संबंध हैं और हम हंसी-मजाक करते रहते हैं. हमारे बीच कभी भी लड़ाई नहीं हुई है, किसी शरारती तत्व ने यह वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है.” वीडियो में किसी द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी ज्वाइन करने के लिए किसी ने दबाव बनाया है आपके ऊपर. भूपेंद्र सिंह भदौरिया कहते हैं कि, “नहीं, नहीं. हमारे उनके बीच हमेशा हंसी-मजाक लगा रहता है… वो भाजपा की कहते हैं… हम कांग्रेस की कहते हैं. बस हमारी पार्टी अलग-अलग है… बाकी हम लोगों के बीच कभी नही.” बता दें कि राघवेंद्र मिश्र ने अपने फेसबुक पेज पर News18 का एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें मिश्र के साथ भूपेंद्र सिंह भदौरिया भी संस्था के रिपोर्टर से बात कर पूरे मामले पर जानकारी देते दिख रहे हैं.
भाजपा पार्षद राघवेंद्र मिश्र द्वारा बुजुर्ग को धमकी देने के नाम पर शेयर किया गया आपसी हंसी-मजाक का वीडियो
पूरे मामले पर अधिक जानकारी के लिए हमने पार्षद राघवेंद्र मिश्र से संपर्क किया. राघवेंद्र मिश्र ने Newschecker को बताया कि, “वो (भूपेंद्र सिंह भदौरिया) हमारे चाचा हैं… हमारे पड़ोसी हैं. हमारा उनका रोज का इसी प्रकार हंसी-मजाक चलता है. चूंकि कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर ऐसा तोड़-मरोड़कर पेश किया कि… जैसे लगा कि मैं कोई गुंडा हूं. फिर राहुल गांधी ने उस ट्वीट को किया तो पूरे देश की मीडिया कल हमारे दरवाजे पर थी… हम भी थे और जिनसे हम मजाक कर रहे थे वो भी हमारे साथ लाइव थे. तो उन्होंने पूरे देश के सामने बता दिया कि सत्यता क्या है.”
Newschecker द्वारा पूरी घटना की शुरुआत के बारे में पूछे जाने पर राघवेंद्र मिश्र ने हमें बताया कि, “चूंकि मैं घर से निकला और हमारे पीछे की तरफ चौराहा पर एक दुकान है, वहां पर हम लोग चाय वगैरह पिने के लिए रुक जाते हैं. तो हम रुके और दो-तीन हमारे मित्र थे… सब लोग आपस में हंसी-ठिठोली चुनाव की चलने लगी. उतने में चाचा आते दिख गए तो हमने उनसे कहा चाय पीकर जाइये. तो बोले मैं नहीं पिऊंगा, मैं मंदिर जा रहा हूं. तो हमने इनको हंसी करने के लिए इनका स्वेटर पकड़ कर इनको खींचा. हमने कहा बुढऊ चाय पीकर जाओगे, बगैर चाय पिए नहीं जाओगे या तो चाय के पैसे देकर जाओ. उसी में छिड़ गया. हमने कहा आपकी कांग्रेस में तो फूट पड़ गई. हमने कहा आपकी कांग्रेस में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया जा रहा है. तो वो बोले तुम्हारे यहां कौन से निष्ठावान लोगों को टिकट मिल रहा है. हम कहें (आवाज स्पष्ट नहीं) क्या कांग्रेसी हैं. तो इन्होने कहा स्वामी प्रसाद मौर्या क्या भाजपाई है. उसी में किसी ने वीडियो बनाकर उसको तोड़-मरोड़कर वायरल कर दिया. चाचा ने पुलिस को भी लिखित रूप से बताया कि राघवेंद्र मिश्र हमारा भतीजा है और हमने उसको बचपन में खिलाया है. हम लोग आपस में हंसी ठिठोली कर रहे थे.”
Newschecker द्वारा पुलिस को भूपेंद्र सिंह भदौरिया द्वारा दिए गए लिखित बयान की कॉपी के बारे में पूछने पर राघवेंद्र मिश्र ने हमारे साथ उनके लिखित बयान की कॉपी भी साझा की है, जिसे नीचे देखा जा सकता है. राघवेंद्र मिश्र ने हमें भूपेंद्र सिंह भदौरिया का भी नंबर भी दिया.

भूपेंद्र सिंह भदौरिया ने Newschecker को बताया कि “मुझे इस बारे में जो कहना था वह कह चुका हूं. कुछ मीडिया संस्थान मेरे बयान को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं.”
अपनी पड़ताल के दौरान हमें कानपुर नगर के डीएम और पुलिस कमिशनरेट कानपुर नगर द्वारा शेयर किये गए ट्वीट्स में ACP स्वरूप नगर का बयान भी प्राप्त हुआ. बता दें कि ACP स्वरूपनगर ने अपने बयान में कहा है कि भूपेंद्र सिंह भदौरिया ने पुलिस को बताया कि राघवेंद्र मिश्र उनके पुराने परिचित है और दोनों के बीच जो वार्तालाप है वह मजाक के लहजे में बात किया गया है. किसी ने वीडियो बनाकर शरारत वश सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।
Conclusion
इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि भाजपा पार्षद राघवेंद्र मिश्र द्वारा बुजुर्ग को धमकी देने के नाम पर शेयर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है. असल में राघवेंद्र मिश्र और भूपेंद्र सिंह भदौरिया पड़ोसी हैं और दोनों आपस में इसी प्रकार की हंसी ठिठोली करते रहते हैं.
Result: Missing Context/Partly False
Our Sources
Raghvendra Mishra, BJP Councillor
Kanpur Police
Bhupendra Singh Bhadauriya’s interview with News18: https://youtu.be/WPweQsx98yM?t=160
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