Fact Check
क्या Joe Biden के राष्ट्रपति बनते ही US के Capitol Building के Lawn में मुस्लिमों ने पढ़ी नमाज?
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर यह दावा किया गया कि जैसे ही डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति पद से हटे और Joe Biden अमेरिका के राष्ट्रपति बने वैसे ही हजारों मुस्लिमों ने अमेरिकी संसद भवन Capitol Building के एक Lawn में नमाज पढ़ी.
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव शुरू होने से लेकर सत्ता परिवर्तन के बाद डोनॉल्ड ट्रम्प की विदाई तथा Joe Biden के शपथ ग्रहण तक, भारत में ये सारी घटनाएं और कार्यक्रम सुर्ख़ियों में रहे. भारत में दक्षिणपंथी विचारधारा का अनुसरण करने वाले अधिकांश लोग Donald Trump के समर्थन में दिखे तो वहीं वामपंथी विचारधारा का अनुसरण करने वाले अधिकांश लोग Joe Biden के समर्थन में हैं. सोशल मीडिया पर भी इस गुटबाजी का असर दिखा और अधिकांश भारतीय अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अलग-अलग खेमों में बंटे नजर आये.
भारत में सोशल मीडिया के अब तक के ट्रेंड के अनुसार अधिकतर मामले धर्म से जोड़ दिए जाते हैं ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव जैसी बड़ी घटना को लेकर ध्रुवीकरण काफी स्वाभाविक लगता है. इसी क्रम में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा नमाज पढ़ने की एक तस्वीर शेयर कर यह दावा किया गया कि अमेरिकी संसद भवन कैपिटल बिल्डिंग परिसर में हजारों मुस्लिमों ने नमाज अदा की.
इसी तरह के अन्य दावे यहां देखे जा सकते हैं.
Fact Check/Verification
वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले दावे के साथ शेयर की जा रही तस्वीर को गूगल पर ढूंढा जहां हमें यह जानकारी मिली कि यह तस्वीर पिछले कई वर्षों से इंटरनेट पर मौजूद है.

गूगल सर्च से प्राप्त परिणामों में हमें Time द्वारा प्रकाशित एक लेख मिला जिसमे यह जानकारी दी गई है कि 25 सितंबर 2009 को ‘Islam on Capitol Hill 2009’ कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समुदाय को मानने वाले लोगों ने अमेरिकी संसद भवन कैपिटल बिल्डिंग परिसर के West Front Lawn में नमाज अदा की थी.

चूंकि Time में प्रकाशित उक्त लेख में तस्वीर को प्रकाशित कर यह जानकारी दी गई है कि यह तस्वीर Getty Images नामक वेबसाइट से ली गई है। अतः हमने लेख में दी गई जानकारी की सहायता से Getty Images की वेबसाइट पर वायरल तस्वीर को ढूंढने का प्रयास किया. जहां हमें ‘capitol building muslim’ कीवर्ड का इस्तेमाल कर सर्च करने पर वायरल तस्वीर प्राप्त हुई. गौरतलब है कि Getty Images ने भी वायरल तस्वीर के बारे में Time में प्रकाशित लेख से मिलती जुलती जानकारी दी है.

इसके बाद हमने पाया कि वायरल तस्वीर CNN, VOX तथा अन्य कई संस्थानों द्वारा भी प्रकाशित की गई है. गौरतलब है कि CNN तथा VOX दोनों ही संस्थानों ने वायरल तस्वीर के बारे में Time द्वारा दी गई जानकारी का समर्थन किया है.

Conclusion
इस तरह हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल यह तस्वीर 2009 की है तथा इस तस्वीर का नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden के निर्वाचन से कोई संबंध नहीं है.
Result: Misleading
Sources:
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