Fact Check
अंडमान की जेल में बंद सावरकर की नहीं है वायरल हो रही वीडियो क्लिप, सावरकर पर बनी फिल्म की क्लिप गलत दावे के साथ हुई वायरल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि यह वीडियो सावरकर के जीवन पर फिल्माए गए एक मूवी की है जिसे एक ब्रिटिश पत्रकार ने बनाया था.
सोशल मीडिया पर आये दिन सावरकर की चर्चा होती रहती है. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और सावरकर दो ऐसे राजनीतिक शख्शियत हैं जिन्हे वक्त-बेवक्त सोशल मीडिया पर जारी किसी बहस का हिस्सा बनना पड़ता है. नेहरू और सावरकर दोनों से जुड़ी फेक न्यूज़ की एक बड़ी खेप आपको सोशल मीडिया पर आसानी से मिल जाएगी. इसी क्रम में एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया कि जब सावरकर अंडमान की जेल में कालापानी की सजा काट रहे थे तब उनके जीवन पर आधारित एक फिल्म बना रहे एक ब्रिटिश पत्रकार ने जेल जाकर उनसे मुलाकात की थी. दावे के मुताबिक वायरल वीडियो उसी मुलाकात के दौरान शूट किया गया था.
यह दावा फेसबुक पर ख़ासा वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो को लेकर किये गए तमाम दावे यहां देखे जा सकते हैं.
Fact Check/Verification
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को की-फ्रेम्स में बांटा उसके बाद एक की-फ्रेम की सहायता से गूगल सर्च किया. लेकिन इस प्रक्रिया में हमें कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई.
इसके बाद हमने ‘ Films on Savarkar’ कीवर्ड के साथ यूट्यूब सर्च किया जहां हमें ‘Ministry Of Information & Broadcasting’ द्वारा अपलोड किया एक वीडियो मिला.
‘Ministry Of Information & Broadcasting’ द्वारा यूट्यूब पर अपलोड किये गए इस वीडियो में 25 मिनट और 6 सेकण्ड्स के बाद वायरल वीडियो में दिख रही क्लिप वाला हिस्सा शुरू होता है.
गौरतलब है कि उक्त यूट्यूब वीडियो के शुरू में यह जानकारी दी गई है कि यह क्लिप फिल्म डिवीजन द्वारा निर्मित एक बायोग्राफिकल फिल्म से ली गई है.
इसके बाद हमने ‘film division movie on savarkar’ कीवर्ड का इस्तेमाल कर गूगल सर्च किया जहां हमें यह जानकारी मिली कि फिल्म डिवीजन ने सावरकर को लेकर एक बायोग्राफिकल फिल्म बनाई थी.
गूगल सर्च से प्राप्त परिणामों में से पहली लिंक को ओपन करने पर हमें फिल्म डिवीजन द्वारा सावरकर की बायोग्राफिकल फिल्म का पूरा ब्यौरा मिल गया. गौरतलब है कि यह फिल्म 1983 में निर्देशक प्रेम वैद्य ने बनाई थी.
गूगल सर्च गूगल सर्च से प्राप्त परिणामों में से दूसरी लिंक को ओपन करने पर हमें फिल्म डिवीजन द्वारा सावरकर की एक दूसरी बायोग्राफिकल फिल्म के बारे में भी जानकारी मिली। बता दें कि फिल्म डिवीजन द्वारा सावरकर के ऊपर दो फ़िल्में बनाई गई थी, जिनमे से एक फिल्म 22 मिनट की है तथा दूसरी फिल्म 44 मिनट की है. वायरल क्लिप फिल्म डिवीजन द्वारा सावरकर के ऊपर बनाई गई 44 मिनट की फिल्म से ली गई है.
इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ़ हो जाती है कि जिस क्लिप को सावरकर की असल क्लिप बताकर शेयर किया जा रहा है वह दरअसल फिल्म डिवीजन द्वारा सावरकर के जीवन पर बनाई गई एक फिल्म का हिस्सा है. साथ ही हमारी पड़ताल में ब्रिटिश पत्रकार द्वारा सावकर पर फिल्म बनाने का दावा भी भ्रामक साबित होता है क्योंकि इस क्लिप के असल निर्माता प्रेम वैद्य हैं.
Result: Misleading
Sources:
YouTube Video published by the Ministry of Information and Broadcasting: https://youtu.be/3TMykYkvlzA
Film Division: https://filmsdivision.org/shop/veer-savarkar-l-v
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