Fact Check
वॉश बेसिन में हाथ धोते पीएम मोदी की ये फोटो टॉयलेट की नहीं है
फोटो खिंचवाने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर उनके विरोधी अक्सर तंज कसते रहते हैं. कटाक्ष करने के लिए सोशल मीडिया पर लोग उनके लिए ‘फोटोजीवी’ शब्द का भी उपयोग करते हैं. इसी के मद्देनजर इंटरनेट पर पीएम मोदी की एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसमें वह वॉश बेसिन में हाथ धोते नजर आ रहे हैं.
दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की यह फोटो टॉयलेट में खींचा गई है. इस फोटो के साथ लोग लिख रहे हैं कि पीएम मोदी को फोटो खिंचवाने का इतना शौक है कि उनका कैमरा अब वॉशरूम तक पहुंच चुका है. अलग-अलग कैप्शंस के साथ यह फोटो फेसबुक और ट्विटर पर जमकर वायरल हो रही है.


Fact Check/Verification
वायरल फोटो को रिवर्स सर्च करने पर हमें यह तस्वीर Shutterstock की वेबसाइट पर मिली. फोटो के साथ लिखा है कि यह तस्वीर 20 दिसंबर 2020 की है जब पीएम मोदी नई दिल्ली स्थित रकाबगंज गुरुद्वारा पहुंचे थे. न्यूज वेबसाइट The Free Press Journal ने भी इस तस्वीर को इसी जानकारी के साथ 20 दिसंबर 2020 को छापा था. इस दिन सिखों के गुरु तेग बहादुर का 400वां प्रकाश पर्व था.
शटरस्टॉक और द फ्री प्रेस जर्नल में जो फोटो मौजूद है उसमें वॉश बेसिन के पास सीढ़ियां भी नजर आ रही हैं. देखने से ऐसा जरा भी नहीं लग रहा कि यह किसी शौचालय या वॉशरूम की तस्वीर है.

जानकारी पुख्ता करने के लिए हमने गूगल मैप्स पर रकाबगंज गुरुद्वारा की तस्वीरें और वीडियो देखें. हमें इस गुरुद्वारे की ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो मिले जिनमें वायरल फोटो में नजर आ रहा वॉश बेसिन और सीढ़ियों वाला हिस्सा देखा जा सकता है.


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इन्हें देखने से ये साफ समझ आ रहा है कि यह वॉश बेसिन रकाबगंज कैंपस में गुरुद्वारे के ठीक बाहर हाथ धोने के लिए लगाया गया है. आमतौर पर धार्मिक स्थलों में घुसने से पहले श्रद्धालु अपने हाथ-पैर धोते हैं. इसी वजह से गुरुद्वारे में इस वॉश बेसिन को भी लगाया गया है. इसे शौचालय बताना गलत है.
Conclusion
इस तरह हमारी पड़ताल से यह स्पष्ट हो जाता है कि पीएम मोदी की गुरुद्वारे में खींची गई इस तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. तस्वीर गुरुद्वारे के बाहर आम जनता के हाथ धोने के लिए लगे वॉश बेसिन की है, न कि शौचालय या वॉशरूम की.
Result: False
Our Sources
Photo available on Shutterstock
Report of The Free Press Journal, published on December 20, 2020
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