Fact Check
राजस्थान पुलिस द्वारा गौ तस्करों पर की गई कार्रवाई का वीडियो भ्रामक दावे के साथ हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया कि राजस्थान के भरतपुर में दो गौ तस्करों को कथित गौरक्षकों ने तस्करी करने से रोका.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि कथित गौ तस्करी के दौरान हुई घटना की यह वीडियो गोपाल शर्मा द्वारा शेयर किये गए एक इंस्टाग्राम वीडियो से लिया गया है. बता दें कि पिछले वर्ष दिल्ली में CAA के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान, जामिया विश्वविद्यालय में गोली चलाने के बाद सुर्ख़ियों में आये गोपाल शर्मा ने हाल ही में हरियाणा के पटौदी में एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसकी वजह से वह एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. सोशल मीडिया पर गोपाल की विवादास्पद गतिविधियों को लेकर कई पोस्ट्स किये गए हैं.
चूंकि, उक्त इंस्टाग्राम अकाउंट अब प्लेटफार्म पर मौजूद नहीं है इसी वजह से हम इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि वायरल वीडियो इसी इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया था. लेकिन वायरल दावे को तेजी से शेयर किया जा रहा है इसी वजह से हमने इसकी पड़ताल शुरू की.
बता दें कि वायरल पोस्ट में आगे यह भी दावा किया गया है कि यह घटना राजस्थान के भरतपुर की है तथा इस घटना को लेकर कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है.
Fact Check/Verification
हमने भरतपुर पुलिस से संपर्क कर घटना का सच जानने का प्रयास किया. इस प्रक्रिया में हमें भरतपुर पुलिस द्वारा वायरल दावे के जवाब में शेयर किया गया एक ट्वीट प्राप्त हुआ जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो राजस्थान के भरतपुर स्थित खोह इलाके का है.
भरतपुर पुलिस द्वारा शेयर किये गए ट्वीट के अनुसार, “उक्त घटना के संबंध में थाना खोह जिला भरतपुर पर प्रकरण संख्या 102 दिनांक 3 जून 2021 को दर्ज किया गया है, जिसमें गाड़ी में मौजूद दोनों गौ तस्करों को बाद में मेडिकल जाँच जैसी दाखिल करा दिया गया था, जो वर्तमान में जेसी में हैं। प्रकरण में अनुसंधान जारी है।”
इसके बाद, हमने खोह थाना के थानाध्यक्ष से बातचीत की. जहां हमें यह जानकारी दी गई कि उक्त घटना के संदर्भ में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है तथा तस्वीर में दिख रहे दोनों व्यक्तियों पर गौ तस्करी के आरोपों की जांच की जा रही है.
इसके बाद, हमने खोह पुलिस से उक्त घटना के संदर्भ में कृत कार्रवाई के बारे में पूछा. जिसके बाद खोह पुलिस ने घटना को लेकर दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) हमारे साथ शेयर की.
एफआईआर के अनुसार, “2 जून को समय रात 11 बजकर 14 मिनट पर गौ तस्करी की सूचना पर थाने की टीम सरकारी जीप से गस्ती पर निकली और 3 जून को भोर में 2 बजकर 30 मिनट पर धमारी पुलिस चौकी के पास हुई नाकाबंदी पर, एक स्कार्पियो गाड़ी को रोकने की कोशिश की और इसके बाद पुलिस ने गाड़ी का पीछा करना शुरू किया. इसी दौरान स्कार्पियो एक पेड़ से टकरा गई. इसके बाद पुलिस ने गाड़ी की तलाशी में 4 गौवंश बरामद किया तथा दुर्घटना में जख्मी दोनों व्यक्तियों को उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सा केंद्र पर ले जाया गया.” नीचे दी गई एफआईआर की कॉपी से पूरी घटना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

जहां तक पुलिस द्वारा मामले की जांच का सवाल है तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. कथित गौ तस्करों में से एक को मामूली चोट आई थी तो वहीं, गाड़ी में मौजूद दूसरे व्यक्ति को गंभीर चोटें आई थी. जिसके बाद उसे सीएचसी कामा में भर्ती करवाया गया था तथा अब दोनों ही कथित गौ तस्कर न्यायिक अभिरक्षा में हैं.
Conclusion
इस तरह हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि वायरल दावे में जिस घटना का जिक्र है, वह राजस्थान के भरतपुर के खोह थाने की है. जहां पुलिस द्वारा पीछा किये जाते समय पेड़ में गाड़ी टकराने के कारण कथित गौ तस्कर घायल हो गए. हमारी पड़ताल में, इस पूरे मामले में किसी गौ रक्षक दल या किसी अन्य व्यक्ति के सम्मिलित होने की जानकारी गलत साबित होती है. पुलिस अभी कथित गौ तस्करी की इस घटना की जांच कर रही है. अतः अदालत का फैसला आने तक हम इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि स्कार्पियो में मौजूद दोनों लोग तस्करी में संलिप्त थे या नहीं.
Result: Misleading
Our Sources
Bharatpur Police
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