Fact Check
Weekly Wrap: किसानों के लिए पास हुए नए कानून से लेकर केंद्र सरकार द्वारा स्कूली किताबों पर टैक्स लगाए जाने तक
सोशल मीडिया पर इस सप्ताह नए कृषि कानून को लेकर तमाम दावे सुर्ख़ियों में रहे। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा पहली बार स्कूली किताबों पर टैक्स लगाए जाने जैसे फेक दावों ने भी खूब सुर्खियां बटोरी। newschecker ने कुछ इस सप्ताह वायरल हुए टॉप 5 फेक दावों का पर्दाफाश किया है।

किसान आंदोलन के नाम पर दंगे की तस्वीर हुई वायरल!
केंद्र सरकार द्वारा नया कृषि कानून पास किए जाने के बाद विपक्ष सहित कई किसान संगठनों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में एक पुरानी तस्वीर जो कमोवेश मुजफ्फरनगर दंगों से सम्बंधित थी किसानों पर जुल्म का बताकर वायरल हो गई।

क्या केंद्र सरकार ने स्कूली किताबों पर लगाया टैक्स?
सोशल मीडिया पर स्कूली किताबों पर टैक्स लगाए जाने का एक दावा तेजी से वायरल हुआ। हमारी पड़ताल में पता चला कि केंद्र सरकार ने स्कूली किताबों पर टैक्स नहीं लगाया है।

क्या नए कृषि कानून के पास होने के बाद हुई बीजेपी नेता की पिटाई?
सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि नए कृषि कानून के पास होने के बाद जनता ने बीजेपी नेता की पिटाई कर दी। हमारी पड़ताल में पता चला कि बीजेपी के दो गुटों के आपसी विवाद का वीडियो कृषि कानून से जोड़कर शेयर किया गया है।

क्या चुनाव आयोग ने यूपी पंचायत चुनाव के लिए जारी किया नया नियम?
सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि यूपी पंचायत चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने नए नियम जारी कर दिए हैं। इन नियमों के मुताबिक़ अब उम्मीदवारों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हमारी पड़ताल में पता चला कि फिलहाल यूपी में अभी चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

क्या शिवराज सिंह चौहान की सभा में भीड़ ने लिया कमलनाथ का नाम?
सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि एक चुनावी रैली के दौरान शिवराज सिंह चौहान के सामने भीड़ ने कमलनाथ को बेहतर मुख्यमंत्री बताया था। हमारी पड़ताल में पता चला कि एडिटेड क्लिप वायरल हुई थी।
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