Fact Check
Weekly Wrap: हल्द्वानी हिंसा, मध्य प्रदेश, गुजरात और केरल से जुड़े इस हफ्ते के टॉप 5 फैक्ट चेक
हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस पर हुए हमले में कई लोग घायल हो गए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक मस्जिद के सामने जुटी भीड़ का वीडियो हल्द्वानी का बताकर इस दावे के साथ वायरल हुआ कि 20 साल पहले वहां कुल आबादी की 1 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिमों की थी, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई है। एक अन्य वीडियो को शेयर कर कहा जाने लगा कि हल्द्वानी में पुलिस लोगों के घरों में घुसकर फायरिंग कर रही है। मध्य प्रदेश को लेकर भी एक वीडियो वायरल हुआ। एक पोस्ट के जरिए दावा किया गया कि एक पानी की टंकी को धर्म विशेष के लोग दूषित कर रहे हैं। एक ऑपरेशन थियेटर के वीडियो को शेयर कर दावा किया गया कि गुजरात में रमेश भाई पटेल नामक एक डॉक्टर ने महिला मरीज के साथ दुष्कर्म किया। केरल से जुड़ा एक वीडियो इस हफ्ते सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रहा। वीडियो के साथ दावा किया गया कि केरल सरकार ने मंदिरों में मुस्लिमों और ईसाईयों की नियुक्ति की है। हालांकि, हमारी पड़ताल में ये दावे फर्जी साबित हुए।

झूठे आंकड़ों के साथ हल्द्वानी का बताकर वायरल हुआ हरिद्वार के ईदगाह का पुराना वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि 20 साल पहले हल्द्वानी की मुस्लिम जनसंख्या एक प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर बीस प्रतिशत हो गयी है। हमारी जांच में यह दावा फर्जी साबित हुआ। पूरा फैक्ट चेक यहां पढ़ा जा सकता है।

घरों में घुसकर फायरिंग करते इजराइली जवानों का वीडियो उत्तराखंड के हल्द्वानी का बताकर वायरल
फायरिंग करते पुलिस के कुछ जवानों के एक वीडियो को शेयर कर दावा किया गया कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में पुलिस आम नागरिकों के घरों में घुसकर फायरिंग कर रही है। हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ। फैक्ट चेक यहां पढ़ें।

क्या गुजरात के डॉक्टर रमेश भाई पटेल ने गर्भवती महिला के साथ ऑपरेशन थियेटर में किया यौन उत्पीड़न?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर कर दावा किया गया कि रमेश भाई पटेल नामक गुजराती डॉक्टर ने ऑपरेशन थियेटर में महिला मरीज का यौन उत्पीड़न किया। हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ। फैक्ट चेक यहां पढ़ें।

क्या केरल सरकार ने मंदिरों में मुस्लिमों और ईसाईयों की नियुक्ति की है?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया कि केरल सरकार ने राज्य के मंदिरों में मुस्लिमों और ईसाईयों की नियुक्ति की है। हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ। फैक्ट चेक यहां पढ़ें।

मध्य प्रदेश के दमोह में पानी की टंकी दूषित करने का पुराना वीडियो सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर कर दावा किया गया कि मध्य प्रदेश के दमोह में मुस्लिम युवक और बच्चे पानी की टंकी का जल दूषित कर रहे हैं। हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ। फैक्ट चेक यहां पढ़ें।
किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in
फैक्ट-चेक और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमारा WhatsApp चैनल फॉलो करें: https://whatsapp.com/channel/0029Va23tYwLtOj7zEWzmC1Z