Thursday, June 18, 2026

Fact Check

उन्नाव में क्रिकेट मैच के दौरान हुई झड़प को दिया साम्प्रदायिक रंग, नहीं लगवाए गए ‘जय श्रीराम’ के नारे

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Claim

उन्नाव स्थित एक मदरसे के बच्चों से उस समय राम का नारा या जयकारा लगाने को कहा गया जब वे क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान नारा न लगाने वाले बच्चों की लाठी डंडों से पिटाई भी की गई। 
 
 
 
Verification
सोशल मीडिया में एक बार फिर से हिन्दू-मुस्लिम की बहस छिड़ गई है। नया मुद्दा यूपी के उन्नाव जिले का है। सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है कि कुछ उन्मादी लोगों ने क्रिकेट खेलने के दौरान एक मदरसे के बच्चों को इसलिए पीटा क्योंकि उन्होंने जय श्री राम का नारा लगाने से मना कर दिया था।
 
सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर इस सन्देश को तेजी से शेयर किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि “आज उन्नाव के मदरसों के बच्चों को नफरत का शिकार बनाया गया, मदरसे के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे उनसे जय श्रीराम के नारे लगाने को कहाँ, नही लगाए तो लाठी डंडे से पिटाई करदी, नए भारत मे आप भी शिकार बनेंगे खामोश रह कर, ये ना सोचे कि बच जाएंगे, इसीलिए अपनी आवाज़ बुलंद करते रहे। ट्विटर यूजर्स द्वारा इस मामले पर धर्म विशेष से एकजुट होने की अपील की जा रही है। 
 
मिर्ज़ा उमर बेग नामक ट्विटर यूजर ने उन्नाव के एमएलसी से मदरसे के बच्चों से मुलाक़ात करने की बात कही है।
 
 
 
 
शाहिद चौधरी नमक यूजर ने कुछ बच्चों की तस्वीर जिनके सिर पर चोट और पट्टी बाँधी गई है को अटैच करते हुए इसे साम्प्रदायिक एंगल देने की कोशिश की है। 
 
 
हमें बीबीसी का एक लेख प्राप्त हुआ जिसमें पूरे मामले पर प्रकाश डालते हुए बताया गया है कि मदरसा छात्रों की कथित पिटाई के बाद जिले में तनाव बना हुआ है। 13 जुलाई को प्रकाशित इस लेख में कहा गया है कि मामला सामने आने पर पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज़ कर 2 लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि हिन्दू संगठनों ने एक तरफ़ा कार्रवाई की बात कही है तो दूसरी तरफ उन्नाव संसद सदस्य साक्षी महाराज ने भी पुलिस पर एक तरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है।
 
पड़ताल के दौरान ही एबीपी न्यूज़ का एक वीडियो क्लिप प्राप्त हुआ। इस वीडियो में कहा गया है कि जबरन ‘जय श्रीराम’ का नारा लगवाने और कथित पिटाई के आरोप में हुई 2 लोगों की गिरफ्तारी। 
 
 
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हम उस पड़ाव पर पहुंचे जहां पता चला कि खबर को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। दरअसल यूपी पुलिस और उन्नाव पुलिस का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट खंगालने पर खबर की सच्चाई पता चली। उन्नाव पुलिस ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस खबर की असलियत के बारे में बताया है।
 
पुलिस का कहना है कि उन्नाव के जीआईसी ग्राउंड में क्रिकेट खेलने के दौरान मारपीट हुई, लेकिन किसी भी प्रकार का नारा लगाने की बात प्रकाश में नहीं आई है। 
 
 
पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक करते हुए उन्नाव पुलिस ने 13 जुलाई को ही एक प्रेस नोट भी जारी किया था। इस प्रेस नोट को जारी करते हुए पुलिस ने घटना स्थल पर किसी भी तरह के नारे वाली बात से इनकार किया है। 
 
    
उन्नाव में खेल के दौरान हुई दो पक्षों में मारपीट ‘जय श्रीराम’ नारे की वजह से नहीं हुई थी। पुलिस द्वारा इस बात की पुष्टि हो जाने पर यह साबित हो गया कि सोशल मीडिया में फैलाई जा रही खबर भ्रामक  है। 
 
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