Claim
झांसी में गाड़ियों में भरी EVM मिलीं। मंडी समिति में दोनों गाड़ियों को छोड़कर भागे कर्मचारी। @ECISVEEP कोई जवाब ??? कुछ ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। ठीक इसी तरह का एक अन्य मामला यूपी के गाजीपुर से भी सामने आया है।
Verification
सोशल मीडिया के ट्वीटर प्लेटफार्म पर एक समाचार क्लिप की कटिंग के साथ ईवीएम पर सवाल उठाता एक सन्देश तेजी से वायरल हो रहा है। सन्देश के साथ अटैच की गई समाचार क्लिप को खोजने के दौरान आये नतीजे नीचे स्क्रीनशॉट में देखे जा सकते हैं।
स्क्रीनशॉट से कुछ भी ऐसा हाथ नहीं लगा जिससे इस बात की प्रमाणिकता साबित हो सकती कि वास्तव में ईवीएम मशीनों को छोड़कर कर्मचारी भाग गए थे।
पड़ताल के अगले पड़ाव पर हमें
दैनिक भास्कर हिंदी का एक लेख प्राप्त हुआ जिसे 30 अप्रैल को प्रकाशित किया गया है। अपने शीर्षक ‘सिटी मैजिस्ट्रेट की कार समेत दो वाहनों में मिलीं ईवीएम और वीवीपैट; डीएम ने कहा- अनयूज्ड थीं’ से भास्कर ने लिखा है कि सुरक्षा और वीवीपैट मशीनें प्राइवेट गाड़ियों से शहर में लाई जा रही थी जिसे देखने के बाद काफी बवाल हुआ। बवाल के बाद गाड़ी के ड्राइवर्स मौके से फरार हो गए थे। पूरी खबर इस
लिंक से पढ़ सकते हैं।
बारीकी से खोजने पर हमें एक ट्वीट दिखाई दिया। ट्वीट में झाँसी के रिटर्निंग अधिकारी कुछ कहते नजर आ रहे हैं। दरअसल ट्वीटर पर भारती जैन ने उस वीडियो को शेयर किया है जिसमें झाँसी के निर्वाचन अधिकारी पकड़ी गई संदिग्ध ईवीएम मशीनों की सच्चाई बयां कर रहे हैं।
पड़ताल के अगले पड़ाव पर हमें
one india समाचार वेबसाइट का एक लेख मिला जिसे 1 मई 2019 को लिखा गया है। इस लेख में पकड़ी गई संदिग्ध ईवीएम मशीनों को भी दिखाया गया है और साथ ही झाँसी के निर्वाचन अधिकारी द्वारा मशीनों की सच्चाई भी बताई गई है। झाँसी के निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक़ पकड़ी गई मशीनें जिले के दूरस्थ विधान सभाओं की थी जिन्हे स्ट्रांग रूम तक लाने में देरी हो गई थी।
यूपी के गाजीपुर से भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है। एक यूजर ने ट्वीट के माध्यम से हंगामें की एक वीडियो शेयर की है। इस वीडियो में देखा जा सकता है किस तरह से ईवीएम गड़बड़ी को लेकर कुछ लोग सड़कों पर बैठ धरना देने को उतारू हैं।
पड़ताल के दौरान हमें गाजीपुर के रिटर्निंग अधिकारी का एक वीडियो प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने ईवीएम की किसी भी गड़बड़ी या धांधली की शिकायत को सिरे से खारिज किया है।
हमारी पड़ताल में वायरल हो रही खबर झूठी साबित हुई।
Tools Used
- Google Image Reverse
- InVID
- Twitter Advanced search
Result- Fake