Newchecker.in is an independent fact-checking initiative of NC Media Networks Pvt. Ltd. We welcome our readers to send us claims to fact check. If you believe a story or statement deserves a fact check, or an error has been made with a published fact check
Contact Us: checkthis@newschecker.in
Fact Check
साल 2022 में मीडिया संस्थानों ने कई ऐसी खबरें प्रकाशित की थीं, जो हमारी पड़ताल में भ्रामक साबित हुईं। केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू के अरुणाचल प्रदेश का हालिया दौरा करने से लेकर पटाखे जलाने के दौरान आईएएस अधिकारी टीना डाबी के घायल हो जाने का दावा किया गया। इसी तरह नामीबिया से लाए गए चीतों को लेकर भी वीडियो शेयर कर कई दावे किए गए। आइए जानते हैं साल 2022 में वह पांच खबरें कौन सी थीं, जिन्हें मीडिया संस्थानों द्वारा भ्रामक दावों के साथ प्रकाशित/प्रसारित किया गया था।

केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने भारतीय जवानों के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर कर बताया कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर का यांगस्ते इलाका पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके बाद कई मीडिया संस्थानों ने इस ट्वीट के आधार पर दावा किया कि किरण रिजिजू ने हाल में अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया है। लेकिन यह दावा फर्जी निकाला। पूरा फैक्ट चेक यहां पढ़ा जा सकता है।

कई मीडिया संस्थानों ने एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया कि दिवाली पर पटाखे जलाते समय आईएएस टीना डाबी घायल होने से बाल-बाल बचीं। लेकिन हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ। पूरा फैक्ट चेक यहां पढ़ा जा सकता है।

साल 2022 के नवंबर महीने में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रैली में गोलीबारी हुई, जिसमें वो जख्मी हो गए। मीडिया संस्थानों ने इमरान खान की एक तस्वीर शेयर कर दावा किया कि यह तस्वीर उन पर हुए हमले के बाद की है। लेकिन यह दावा भ्रामक निकला। पूरा फैक्ट चेक यहां पढ़ा जा सकता है।

नामीबिया से भारत में चीतों को लाए जाने के साथ ही इनकी कई तस्वीरें और वीडियो शेयर की जाने लगी थीं। इसी कड़ी में मीडिया संस्थानों ने एक वीडियो को शेयर कर इसे नामीबिया से भारत लाए गए चीते की पहली झलक बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसपर सवाल उठाते हुए दावा कि चीता तो दहाड़ता है, लेकिन ये म्याऊं-म्याऊं कर रहा है। लेकिन हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी निकला। पूरा फैक्ट चेक यहां पढ़ा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी एक युवती की तलाशी लेते हैं, जहां उसके पास से तमंचा प्राप्त होता है। मीडिया संस्थानों ने ये वीडियो शेयर कर दावा किया कि तमंचे के साथ पकड़ी गई युवती मुस्लिम धर्म से है और किसी स्कूल में टीचर है। लेकिन हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी निकला। पूरा फैक्ट चेक यहां पढ़ा जा सकता है।
किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in
Komal Singh
June 12, 2024
Neha Verma
September 11, 2021
Arjun Deodia
March 7, 2023